रजोनिवृत्ति में सांस के व्यायाम: हर लक्षण के लिए एक आसान अभ्यास
सुबह चाय चढ़ाते हुए अचानक चेहरे पर गर्मी की लहर। दोपहर को बिना किसी वजह के दिल की धड़कन तेज़। और रात को बिस्तर पर लेटते ही दिमाग़ में कल की सौ बातें। एक ही दिन में जैसे तीन अलग-अलग शरीर जी लिए हों।
अगर आपके दिन भी ऐसे ही गुज़र रहे हैं, तो पहले यह जान लीजिए: आप अकेली नहीं हैं, और आप कमज़ोर भी नहीं हैं। आपका शरीर एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है। और इस पूरे बदलाव में एक चीज़ हर पल आपके साथ रहती है, बिना किसी खर्च के, बिना किसी तैयारी के। आपकी सांस।
संक्षेप में: रजोनिवृत्ति में सांस के व्यायाम कोई इलाज नहीं हैं, पर बहुत सी औरतों को इनसे सहारा मिलता है। धीमी सांस, यानी मिनट में लगभग 6 सांसें, शरीर के "आराम और पाचन" वाले जवाब से जुड़ी है। 2023 की एक स्टैनफ़र्ड स्टडी में रोज़ सिर्फ़ 5 मिनट की खास सांस से एक महीने में मूड बेहतर हुआ। हर लक्षण के लिए एक छोटा अभ्यास काफ़ी है।
रजोनिवृत्ति में सांस के व्यायाम क्यों मदद कर सकते हैं?
रजोनिवृत्ति, यानी मेनोपॉज़, तब मानी जाती है जब लगातार 12 महीने तक पीरियड न आए। भारत में हुई कई स्टडी में इसकी औसत उम्र लगभग 46 से 47 साल बताई जाती है। उससे पहले का समय, पेरिमेनोपॉज़, औसतन करीब 4 साल चलता है। किसी के लिए यह कुछ महीने का होता है, तो किसी के लिए 10 साल तक का।
इन सालों में हार्मोन ऊपर-नीचे होते रहते हैं, और उसका असर नींद, मूड, धड़कन और शरीर की गर्मी पर दिख सकता है। सांस इन सबको जादू से ठीक नहीं करती। पर जब आप सांस को धीमा करती हैं, खासकर छोड़ने वाली सांस को लंबा, तो शरीर को एक संदेश मिलता है: अभी कोई खतरा नहीं है। मिनट में लगभग 6 सांसें दिल की शांत लय और शरीर के "आराम और पाचन" वाले जवाब से जुड़ी पाई गई हैं।
2023 में स्टैनफ़र्ड की एक स्टडी में लोगों ने एक महीने तक रोज़ सिर्फ़ 5 मिनट "साइक्लिक साइ" का अभ्यास किया: नाक से दो बार सांस अंदर, फिर मुंह से एक लंबी सांस बाहर। उनका मूड बेहतर हुआ और सांस की रफ़्तार धीमी हुई। उस स्टडी में इस सांस ने माइंडफ़ुलनेस मेडिटेशन से भी ज़्यादा मदद की।
यानी आपको घंटों की साधना की ज़रूरत नहीं है। आपको बस रोज़ के 5 मिनट की ज़रूरत है।
अभी आज़माएं: 4 में लें, 6 में छोड़ें
यह आधार अभ्यास है। इसे एक बार सीख लिया, तो बाकी सब इसी के छोटे-छोटे रूप हैं।
- जहां हैं, वहीं बैठ जाइए। बिस्तर, रसोई का स्टूल, दफ़्तर की कुर्सी, कुछ भी चलेगा। पैर ज़मीन पर टिका लीजिए।
- कंधों को एक बार कानों तक उठाइए और फिर ढीला छोड़कर नीचे गिरा दीजिए।
- नाक से 4 गिनती तक धीरे से सांस अंदर लीजिए।
- 6 गिनती तक सांस बाहर जाने दीजिए, जैसे आप गरम चाय को फूंककर ठंडा कर रही हों।
- यही 5 मिनट तक दोहराइए। गिनती छूट जाए तो कोई बात नहीं, बस छोड़ने वाली सांस लंबी रखिए।
4 और 6 मिलाकर 10 सेकंड, यानी मिनट में लगभग 6 सांसें। आप इसे गलत नहीं कर सकतीं। अगर 4 और 6 लंबा लगे, तो 3 और 5 से शुरू कीजिए। नियम बस एक है: छोड़ने वाली सांस, लेने वाली से थोड़ी लंबी हो।

हॉट फ्लैश आए तो कौन सी सांस लें?
हॉट फ्लैश और रात का पसीना लगभग 4 में से 3 औरतों को होता है। अमेरिका की एक लंबी स्टडी, स्वान, में हॉट फ्लैश का मीडियन समय करीब 7.4 साल था, यानी आधी औरतों में ये इससे भी ज़्यादा चले।
सच्ची बात यह है कि धीमी सांस हॉट फ्लैश को रोकती नहीं। शुरुआती छोटी स्टडी उम्मीद जगाने वाली थीं, पर 2013 के एक बड़े ट्रायल में हॉट फ्लैश कितनी बार आते हैं, इसमें कोई साफ़ कमी नहीं दिखी। फिर भी बहुत सी औरतों को लगता है कि लहर के बीच धीमी सांस से घबराहट कम होती है और खुद पर काबू लौट आता है।
जब लहर उठे, तो जो कर रही हैं उसे दो पल के लिए छोड़ दीजिए। होंठ हल्के से गोल कीजिए और मुंह से लंबी, ठंडी सांस छोड़िए, जैसे आप मोमबत्ती की लौ को बुझाए बिना बस हिला रही हों। फिर नाक से धीरे सांस लीजिए। लहर गुज़रने तक यही। रसोई या दफ़्तर के लिए और तरीके यहां हैं: अचानक तेज़ गर्मी लगना: 60 सेकंड की सांस।
घबराहट हो या दिल धड़के, तब क्या करें?
अचानक बेचैनी, बिना वजह का डर, पेट में जैसे कोई गांठ बंध गई हो। ऐसे पल के लिए स्टैनफ़र्ड वाली "साइक्लिक साइ" सबसे सीधी है।
- नाक से एक सांस अंदर लीजिए।
- रुके बिना, नाक से ही एक छोटी सी सांस और भरिए, जैसे फेफड़ों में थोड़ी सी जगह अभी बाकी हो।
- अब मुंह से धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर छोड़िए।
- यही 5 मिनट तक, या जब तक मन थोड़ा ठहर न जाए।
अगर दिल की धड़कन अक्सर तेज़ होती है, तो दिल की धड़कन तेज़ होना वाली गाइड पढ़िए। और याद रखिए: सीने में दर्द, बेहोशी, सांस फूलना, या ऐसी धड़कन जो शांत ही न हो, इनमें तुरंत इमरजेंसी मदद लीजिए। सांस का अभ्यास इंतज़ार कर सकता है, आप नहीं।
रात को नींद न आए तो कौन सी सांस मदद कर सकती है?
रात के 2 बजे घड़ी देखकर हिसाब लगाना कि "अब सिर्फ़ 4 घंटे बचे हैं", नींद को और दूर भगाता है। फ़ोन उठाना नहीं। सांस को लंबा करना।
बिस्तर पर सीधी लेट जाइए। एक हाथ पेट पर रखिए। 4 गिनती में सांस लीजिए और 8 तक धीरे-धीरे छोड़िए। अगर 8 लंबा लगे, तो 6 तक। हर बार छोड़ते हुए मन में शरीर के एक हिस्से का नाम लीजिए: पैर, घुटने, पेट, कंधे, जबड़ा। और उसे ढीला होने दीजिए।
नींद आ गई, तो अच्छा। न आई, तो भी आपने शरीर को 5 मिनट का आराम दिया। यह भी गिनती में आता है। अगर अनिद्रा हफ़्तों से चल रही है, तो जान लीजिए कि लंबी अनिद्रा का पहला इलाज सीबीटी-आई है, यानी नींद के लिए बनी एक तरह की बातचीत वाली थेरेपी। इसके बारे में डॉक्टर से पूछिए, और यह भी पढ़िए: नींद न आने पर क्या करें।

चिड़चिड़ापन, थकान और भूलने के लिए छोटे अभ्यास
जब गुस्सा उबलने लगे
किसी की बात चुभी और जवाब ज़ुबान पर आ गया। उस पल बस तीन लंबी सांसें, हर बार छोड़ने वाली सांस लेने वाली से दोगुनी। गुस्सा गलत नहीं है। पर तीन सांसें आपको यह चुनने का मौका देती हैं कि उसे कैसे कहना है।
जब दोपहर में शरीर जवाब दे दे
दोपहर के खाने के बाद, बर्तन समेटकर, 2 मिनट के लिए कुर्सी पर पीठ टिका लीजिए। आँखें बंद, 4 में लें, 6 में छोड़ें। यह आलस नहीं है। यह आराम है, और आराम की आपको पूरी इजाज़त है।
जब बात करते-करते शब्द गुम हो जाए
दिमाग़ की धुंध में घबराहट उसे और गाढ़ा कर देती है। रुकिए, एक सांस लीजिए, और मुस्कुराकर कहिए, "एक मिनट, याद आ रहा है।" 60 सेकंड की धीमी सांस से मन को थोड़ी जगह मिलती है। इस पर पूरी बात यहां है: मेनोपॉज़ में भूलना और ब्रेन फ़ॉग।
क्या 5 मिनट सच में काफ़ी हैं?
हां। स्टैनफ़र्ड की स्टडी में भी रोज़ के सिर्फ़ 5 मिनट थे। आपको चटाई नहीं चाहिए, अलग कमरा नहीं चाहिए, कोई मंत्र नहीं चाहिए। रसोई में चाय उबलने तक का समय काफ़ी है।
मन भटकेगा, यह तय है। कल की सब्ज़ी, बच्चों की फ़ीस, घर के बड़ों की दवा। भटकने दीजिए, और फिर धीरे से सांस पर लौट आइए। बीस बार मन भटका और बीस बार आप लौटीं, तो आपने बीस बार अभ्यास किया।
क्या हो अगर आप इस हफ़्ते सिर्फ़ एक लक्षण चुनें और उसी का अभ्यास करें? पूरी गाइड एक साथ याद करने की ज़रूरत नहीं है।
डॉक्टर से कब बात करें?
सांस का अभ्यास सहारा है, इलाज नहीं। अगर हॉट फ्लैश, नींद या मूड से रोज़ की ज़िंदगी पर असर पड़ रहा है, तो डॉक्टर से बात कीजिए। कई औरतों के लिए हार्मोन थेरेपी हॉट फ्लैश का सबसे असरदार इलाज है, और यह फ़ैसला डॉक्टर के साथ बैठकर ही होना चाहिए। ब्रिटेन की नाइस गाइडलाइन, जो 2024 में अपडेट हुई, सीबीटी को भी एक विकल्प मानती है, हॉट फ्लैश, रात के पसीने, नींद की परेशानी और उदास मूड के लिए।
पेरिमेनोपॉज़ में उदासी के लक्षणों का खतरा भी 2 से 4 गुना तक बढ़ सकता है। अगर कई हफ़्तों से मन बहुत भारी है, तो डॉक्टर को बताइए। और अगर कभी खुद को नुकसान पहुंचाने के ख़याल आएं, तो अभी अपनी स्थानीय इमरजेंसी सेवा या किसी क्राइसिस हेल्पलाइन से संपर्क कीजिए।
सारे लक्षण एक जगह पढ़ने के लिए: मेनोपॉज़ के लक्षण: पूरी सूची।
कहां से शुरू करें?
MySakhi की हिंदी लाइब्रेरी में हिंदी गाइडेड अभ्यास मुफ़्त हैं, हर एक किसी खास लक्षण या एहसास के लिए। और अगर समझ न आए कि आज रात कौन सा अभ्यास सुनें, तो सखी से बात कीजिए। बस बताइए कि आज कैसा लग रहा है। वह आपके उस पल के लिए कोई अभ्यास, कहानी या संगीत सुझाएगी। सखी डॉक्टर नहीं है, पर अच्छी सहेली की तरह सुनती है।
आज रात बस एक काम कीजिए: सोने से पहले 4 में लें, 6 में छोड़ें। पांच मिनट। फिर देखिए कल सुबह कैसा लगता है। साथ में यह भी पढ़िए: 5 मिनट की सांस: कोई चटाई नहीं, कोई मंत्र नहीं।
5 मिनट। कोई चटाई नहीं। कोई मंत्र नहीं। बस आप।
महिलाएं अक्सर पूछती हैं
रजोनिवृत्ति में कौन सी सांस सबसे अच्छी है?+
शुरुआत के लिए धीमी सांस सबसे आसान है: 4 गिनती में लें, 6 में छोड़ें, यानी मिनट में लगभग 6 सांसें। घबराहट में नाक से दो बार सांस लेकर मुंह से एक लंबी सांस छोड़ना भी बहुत सी औरतों को मदद करता है।
क्या सांस के व्यायाम से हॉट फ्लैश बंद हो जाते हैं?+
नहीं, इसका वादा नहीं किया जा सकता। 2013 के एक बड़े ट्रायल में हॉट फ्लैश की गिनती में साफ़ कमी नहीं दिखी। पर लहर के बीच धीमी सांस से कई औरतें खुद को शांत और संभली हुई महसूस करती हैं।
मेनोपॉज़ में सांस का अभ्यास रोज़ कितनी देर करें?+
5 मिनट काफ़ी हैं। 2023 की स्टैनफ़र्ड स्टडी में भी लोगों ने रोज़ सिर्फ़ 5 मिनट सांस का अभ्यास किया था। बिस्तर, रसोई या कुर्सी, कहीं भी कर सकती हैं।
क्या सांस के अभ्यास दवा या हार्मोन थेरेपी की जगह ले सकते हैं?+
नहीं। ये सहारा हैं, इलाज नहीं। हॉट फ्लैश, नींद या मूड से परेशानी हो तो डॉक्टर से बात कीजिए। हार्मोन थेरेपी का फ़ैसला डॉक्टर के साथ ही कीजिए।
हिंदी में मेनोपॉज़ के लिए गाइडेड सांस कहां सुनें?+
MySakhi की वेबसाइट पर हिंदी गाइडेड अभ्यास मुफ़्त हैं, हर एक किसी खास लक्षण के लिए। सखी, हमारी मुफ़्त AI साथी, बता सकती है कि आज रात कौन सा अभ्यास सुनें।
जहां भी हों, मुफ़्त सुनें
