अचानक गर्मी लगना: रसोई या दफ़्तर में 60 सेकंड की सांस
रविवार की दोपहर है। घर में मेहमान आए हैं, कुकर ने तीसरी सीटी दी है, और आप गैस के सामने खड़ी होकर दाल में तड़का लगा रही हैं। तभी अंदर से एक लहर उठती है। छाती से गर्दन तक, फिर कानों तक। ब्लाउज़ पीठ से चिपकने लगता है, माथे पर पसीना। बाहर से ननद पूछती है, "भाभी, खाना कितनी देर में?" और आप मुस्कुराकर कहती हैं, "बस पांच मिनट।"
कोई नहीं जानता कि उस मुस्कान के पीछे आपके अंदर क्या चल रहा है। पर आप जानती हैं। और आपके लिए एक मिनट का तरीका है।
संक्षेप में: अचानक गर्मी लगना, यानी छाती से चेहरे तक उठती गर्मी की लहर, पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ में होने वाला हॉट फ्लैश हो सकता है। करीब 4 में से 3 औरतें हॉट फ्लैश या रात का पसीना महसूस करती हैं। लहर आए तो 60 सेकंड के लिए आंच से एक कदम दूर हटें, कलाइयां ठंडी करें और सांस छोड़ना लंबा करें।
अचानक गर्मी क्यों लगती है?
पेरिमेनोपॉज़ में हॉर्मोन ऊपर-नीचे होते हैं, और दिमाग का वो हिस्सा जो शरीर का तापमान संभालता है, ज़्यादा संवेदनशील हो जाता है। उसे लगता है कि शरीर ज़रूरत से ज़्यादा गर्म हो गया है, तो वो झट से ठंडा करने में लग जाता है: खून की नलियां फैलती हैं, चेहरा लाल होता है, पसीना आता है।
ये आपकी गलती नहीं है, और ना ही "बस गर्मी का मौसम" है। रसोई की आंच, भाप, मेहमानों से भरा घर और जल्दी का दबाव, ये सब मिलकर लहर को और भारी महसूस करा सकते हैं।
अमेरिका की लंबी स्वान स्टडी में हॉट फ्लैश के चलने का बीच का आंकड़ा करीब 7 साल रहा। यानी ये कुछ दिनों की बात नहीं, और इसके लिए अपना कोई तरीका होना ठीक है।
लहर आने पर हम क्या करती हैं, और क्या कर सकती हैं?
ज़्यादातर हम उसे छुपाती हैं। पल्लू से चेहरा पोंछ लिया, हाथ से हवा कर ली, और काम चालू। ये नहीं। ये कीजिए: 60 सेकंड रुकिए। सिर्फ़ एक मिनट। किसी को बताने की ज़रूरत नहीं।
आपको लहर से लड़ने की ज़रूरत नहीं, आपको बस उसे गुज़रने की जगह देनी है। रुकना ठीक है। दाल एक मिनट और पक जाएगी, तो कुछ नहीं बिगड़ेगा।
अभी आज़माएं: अचानक गर्मी लगने पर 60 सेकंड की सांस
- गैस धीमी कीजिए और आंच से एक कदम पीछे हट जाइए। दफ़्तर में हों, तो कुर्सी थोड़ी पीछे खिसका लीजिए।
- नल खोलकर दोनों कलाइयों पर ठंडा पानी डालिए, या पानी की ठंडी बोतल कलाई पर रखिए।
- एक हाथ छाती पर रखिए और लहर को नाम दीजिए: "ये लहर है। ये गुज़र जाएगी।"
- नाक से 4 गिनती में सांस लीजिए और मुंह से 6 गिनती में धीरे छोड़िए। ऐसी 6 सांसें, यानी करीब एक मिनट।
- आख़िरी सांस के बाद कंधे ढीले छोड़िए, और फिर अपनी रफ़्तार से काम पर लौटिए।
दफ़्तर की मीटिंग में हैं? आंखें खुली रखिए, हाथ मेज़ पर, और बस सांस छोड़ना लंबा कीजिए। किसी को पता नहीं चलेगा। ये इतना आसान है कि इसे गलत करने का कोई तरीका ही नहीं।
जब कभी पूरे 3 मिनट मिलें, तो "ठंडी नदी तुम्हारे अंदर बहती है" वाला ये हिंदी गाइडेड अभ्यास सुनिए। आवाज़ के साथ ठंडक की कल्पना करना कई बार अकेले गिनती करने से आसान लगता है।
क्या सांस से हॉट फ्लैश बंद हो जाते हैं?
सीधी बात: इसका वादा कोई नहीं कर सकता। शुरुआत की कुछ छोटी स्टडीज़ उम्मीद भरी थीं, पर 2013 के एक बड़े ट्रायल में ये साफ़ नहीं दिखा कि धीमी सांस से हॉट फ्लैश कम बार आते हैं।
तो फिर ये क्यों? क्योंकि धीमी सांस, करीब 6 सांसें प्रति मिनट, शरीर के शांत होने वाले मोड से जुड़ी है। लहर फिर भी आ सकती है, पर आप उसके बीच घबराई हुई नहीं, थोड़ी संभली हुई महसूस कर सकती हैं।
क्या हो अगर लक्ष्य लहर को रोकना नहीं, बल्कि उसके बीच खुद को संभालना हो?
रसोई को थोड़ा आसान कैसे बनाएं?
- तड़के और तलने का काम दिन के ठंडे वक्त में, जैसे सुबह जल्दी, निपटा लीजिए
- रसोई की खिड़की खुली रखिए, या एक छोटा पंखा लगवा लीजिए
- सूती कपड़े पहनिए, और परतों में, ताकि ज़रूरत पड़े तो एक परत उतार सकें
- ठंडे पानी की बोतल हाथ की पहुंच में रखिए
- किसी से कहिए, "ज़रा दो मिनट गैस देख लेना।"
मदद मांगना ठीक है। आप रोज़ सबके लिए खाना बनाती हैं। दो मिनट किसी और का गैस के सामने खड़ा होना कोई बड़ी बात नहीं।
5 मिनट मिलें, तो हॉट फ्लैश के लिए 5 मिनट की सांस भी आज़मा सकती हैं। घर में आज़माए जाने वाले उपायों के बारे में मेनोपॉज़ में गर्मी की लहरें वाला लेख पढ़ सकती हैं। और अगर यही लहर रात को नींद तोड़ती है, तो रात को पसीना आना पढ़िए।
डॉक्टर से कब बात करें?
अगर लहरें दिन में कई बार आती हैं, नींद तोड़ती हैं, या काम पर असर डाल रही हैं, तो डॉक्टर से बात कीजिए। कई औरतों के लिए हॉर्मोन थेरेपी हॉट फ्लैश का सबसे असरदार इलाज है। ये फ़ैसला आपका और आपके डॉक्टर का है। ब्रिटेन की मेनोपॉज़ गाइडलाइन में सीबीटी भी हॉट फ्लैश के लिए एक विकल्प के रूप में है।
अगर गर्मी के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, बेहोशी जैसा लगना, या ऐसी धड़कन हो जो शांत न हो, तो इसे हॉट फ्लैश मानकर इंतज़ार न कीजिए। तुरंत इमरजेंसी मदद लीजिए। बाकी लक्षणों के लिए मेनोपॉज़ के लक्षण देखिए।
अगली बार जब कुकर की सीटी और लहर एक साथ आएं, तो याद रखिए: एक मिनट आपका है। और अगर आप जानना चाहती हैं कि आपके लिए और क्या मदद कर सकता है, तो सखी से हिंदी में पूछिए।
5 मिनट। कोई चटाई नहीं। कोई मंत्र नहीं। बस आप।
महिलाएं अक्सर पूछती हैं
क्या अचानक गर्मी लगना मेनोपॉज़ का लक्षण है?+
हो सकता है। छाती से चेहरे तक अचानक उठती गर्मी, पसीना और लाल चेहरा हॉट फ्लैश के आम संकेत हैं, जो करीब 4 में से 3 औरतें महसूस करती हैं। पक्का जानने के लिए डॉक्टर से बात कीजिए।
दफ़्तर में हॉट फ्लैश आए तो क्या करें?+
आंखें खुली रखिए, हाथ मेज़ पर, और नाक से 4 गिनती में सांस लेकर मुंह से 6 गिनती में छोड़िए। ऐसी 6 सांसें करीब एक मिनट की होती हैं। ठंडा पानी पास रखिए।
क्या सांस लेने से हॉट फ्लैश रुक जाते हैं?+
इसका वादा नहीं किया जा सकता। 2013 के एक बड़े ट्रायल में ये साफ़ नहीं दिखा कि हॉट फ्लैश कम बार आते हैं। फिर भी धीमी सांस लहर के दौरान आपको शांत और संभला हुआ महसूस करा सकती है।
हॉट फ्लैश के लिए डॉक्टर से कब मिलें?+
जब लहरें नींद, काम या रोज़ की ज़िंदगी पर असर डालें। कई औरतों के लिए हॉर्मोन थेरेपी सबसे असरदार इलाज है, जिस पर डॉक्टर से बात की जा सकती है। सीने में दर्द या बेहोशी हो तो तुरंत इमरजेंसी मदद लें।
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