रात को पसीना आना: नींद टूटे तो 5 मिनट में क्या करें
रात के तीन बजे हैं। नाइटी पीठ से चिपकी हुई है, तकिया गीला है, और पंखा पूरी रफ़्तार पर होते हुए भी लग रहा है जैसे कमरे में हवा ही न हो। बगल में पति गहरी नींद में हैं। आप चुपचाप उठकर बाथरूम जाती हैं, ताकि किसी की नींद न टूटे। अपनी नींद तो टूट ही चुकी है।
ठंडे पानी के छींटे, एक सूखा तौलिया, और फिर वही सवाल: अब दोबारा नींद कैसे आएगी? ये लेख ठीक इसी पल के लिए है।
संक्षेप में: रात को पसीना आना असल में रात में आने वाला हॉट फ्लैश है, जो पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ में बहुत आम है। करीब 4 में से 3 औरतों को हॉट फ्लैश या रात का पसीना होता है। नींद टूटे तो पहले त्वचा ठंडी करें, फिर सांस छोड़ना लेने से लंबा करें, और फ़ोन से दूर रहें। 5 मिनट काफ़ी हैं।
रात को पसीना आना क्यों होता है?
पेरिमेनोपॉज़ में हॉर्मोन ऊपर-नीचे होते हैं, और इसका असर दिमाग के उस हिस्से पर पड़ता है जो शरीर का तापमान संभालता है। वो ज़रा सी गर्मी को भी ख़तरा समझ लेता है, और शरीर को ठंडा करने के लिए पसीना छोड़ देता है। दिन में यही हॉट फ्लैश कहलाता है। रात में ये रात का पसीना बन जाता है।
अमेरिका की लंबी स्वान स्टडी में हॉट फ्लैश के चलने का बीच का आंकड़ा करीब 7 साल रहा। तो अगर ये कुछ महीनों से हो रहा है और आप सोच रही हैं कि "अब तक तो रुक जाना चाहिए था", तो जान लीजिए कि आप अकेली नहीं हैं, और आप कुछ गलत नहीं कर रहीं।
नींद टूटने के बाद दोबारा नींद क्यों नहीं आती?
पसीने की लहर आती है और नींद खुल जाती है। फिर गीले कपड़े, ठंड की कंपकंपी, और ऊपर से दिमाग में कल के काम। असली मुश्किल अक्सर पसीना नहीं, उसके बाद का एक घंटा होता है, जब आप करवटें बदलती हैं और बार-बार घड़ी देखती हैं।
ऐसे में हम में से कई औरतें दो में से एक काम करती हैं। या तो फ़ोन उठा लेती हैं, या लेटे-लेटे खुद को कोसती हैं कि सुबह कैसे उठूंगी। ये नहीं। ये कीजिए: शरीर को ठंडा कीजिए, सांस को धीमा कीजिए, और नींद को अपने आप आने दीजिए।
आपको इस वक्त कोई हल ढूंढने की ज़रूरत नहीं, आपको बस अगले 5 मिनट चाहिए।
अभी आज़माएं: रात को पसीना आने पर 5 मिनट का तरीका
- त्वचा ठंडी कीजिए: कलाइयों और गर्दन के पीछे ठंडा पानी लगाइए। गीले कपड़े बदल लीजिए, या तकिये पर एक सूखा तौलिया बिछा लीजिए।
- फ़ोन उल्टा रख दीजिए: घड़ी न देखिए, स्क्रीन न खोलिए। समय जानने से नींद नहीं लौटती।
- पीठ के बल या करवट लेकर लेट जाइए, और एक हाथ पेट पर रखिए।
- नाक से 4 गिनती में सांस लीजिए, और मुंह से 6 गिनती में धीरे-धीरे छोड़िए, जैसे गर्म चाय को फूंक मारकर ठंडा कर रही हों। ऐसे करीब 5 मिनट।
- हर सांस छोड़ते हुए शरीर का एक हिस्सा ढीला छोड़िए: माथा, जबड़ा, कंधे, हाथ, पैर।
गिनती गड़बड़ा जाए तो कोई बात नहीं। बस सांस छोड़ना लेने से थोड़ा लंबा रहे। आप इसे गलत नहीं कर सकतीं।
क्या सांस से रात का पसीना रुक जाता है?
4 गिनती अंदर और 6 बाहर का मतलब है करीब 6 सांसें प्रति मिनट। इतनी धीमी सांस दिल की शांत लय और शरीर के आराम वाले मोड से जुड़ी है, यानी वो हालत जिसमें नींद के लौटने की जगह बनती है।
ईमानदारी से कहें तो सांस से पसीना रुकने का वादा कोई नहीं कर सकता। शुरुआत की कुछ छोटी स्टडीज़ उम्मीद भरी थीं, पर 2013 के एक बड़े ट्रायल में ये साफ़ नहीं दिखा कि इससे हॉट फ्लैश कम बार आते हैं। फिर भी, लहर के दौरान और उसके बाद ये आपको शांत और थोड़ा ज़्यादा संभला हुआ महसूस करा सकती है। और रात 3 बजे यही सबसे ज़रूरी है।
ये 5 मिनट का हिंदी गाइडेड अभ्यास, "लहर के बाद वापस विश्राम में", ठीक इसी लहर के बाद के लिए बना है।
सोने से पहले क्या बदल सकती हैं?
रात को थोड़ा आसान बनाने के लिए कुछ छोटी तैयारियां:
- हल्के सूती कपड़े पहनिए, और पास में एक दूसरा जोड़ा रखिए
- बिस्तर के पास ठंडे पानी का एक गिलास रखिए
- ध्यान दीजिए कि सोने से ठीक पहले की गर्म चाय या मसालेदार खाना आपके लिए कोई फ़र्क डालता है या नहीं
- कमरे में हवा का रास्ता बनाइए: खिड़की थोड़ी खुली, या पंखा पैरों की तरफ़
अगर पसीने के बाद नींद लौट ही न रही हो, तो रात 2 बजे नींद न आए तो सांस के अभ्यास पढ़िए। और अगर दिन में भी अचानक गर्मी की लहरें आती हैं, तो अचानक गर्मी लगने पर 60 सेकंड की सांस आपके काम आएगी।
रात के पसीने के लिए डॉक्टर से कब बात करें?
अगर रात का पसीना हफ़्ते में कई बार आपकी नींद तोड़ रहा है, तो डॉक्टर से बात करना बिल्कुल ठीक है। कई औरतों के लिए हॉर्मोन थेरेपी हॉट फ्लैश और रात के पसीने का सबसे असरदार इलाज है, और ये फ़ैसला आप और आपके डॉक्टर मिलकर ले सकते हैं। ब्रिटेन की मेनोपॉज़ गाइडलाइन में सीबीटी, यानी सोच और व्यवहार पर काम करने वाली थेरेपी, भी रात के पसीने और नींद की परेशानी के लिए एक विकल्प है।
और अगर पसीने के साथ बुखार हो, बिना वजह वज़न घट रहा हो, या आप बीमार महसूस कर रही हों, तो देर न कीजिए। जल्दी डॉक्टर को दिखाइए, क्योंकि रात के पसीने की और भी वजहें हो सकती हैं। बाकी लक्षणों की पूरी तस्वीर मेनोपॉज़ के लक्षण में है।
आज सोने से पहले ही लहर के बाद वापस विश्राम में वाला अभ्यास खोलकर रख लीजिए, ताकि रात को सिर्फ़ प्ले दबाना हो। और कल दिन में, सखी को बताइए कि रातें कैसी जा रही हैं। वो आपके लिए कोई अभ्यास, नींद की कहानी या शांत संगीत सुझाएगी।
5 मिनट। कोई चटाई नहीं। कोई मंत्र नहीं। बस आप।
महिलाएं अक्सर पूछती हैं
मेनोपॉज़ में रात को पसीना क्यों आता है?+
हॉर्मोन के ऊपर-नीचे होने से दिमाग का तापमान संभालने वाला हिस्सा ज़्यादा संवेदनशील हो जाता है। वो ज़रा सी गर्मी को भी ख़तरा मानकर पसीना छोड़ देता है। ये रात में आने वाला हॉट फ्लैश है।
रात को पसीना आना कितने साल चलता है?+
हर औरत के लिए अलग। अमेरिका की स्वान स्टडी में हॉट फ्लैश के चलने का बीच का आंकड़ा करीब 7 साल रहा। किसी के लिए ये कम समय होता है, किसी के लिए ज़्यादा।
रात को पसीने से नींद टूटे तो क्या करें?+
कलाइयों और गर्दन पर ठंडा पानी लगाइए, गीले कपड़े बदलिए, फ़ोन उल्टा रखिए, और नाक से 4 गिनती में सांस लेकर मुंह से 6 गिनती में छोड़िए। ऐसे करीब 5 मिनट।
क्या सांस लेने से रात का पसीना रुक जाता है?+
इसका वादा नहीं किया जा सकता। पर लहर के बाद धीमी, लंबी सांस आपको शांत और संभला हुआ महसूस करा सकती है, जिससे दोबारा नींद की ओर लौटना आसान हो सकता है।
रात के पसीने के लिए डॉक्टर को कब दिखाएं?+
अगर ये बार-बार नींद तोड़ रहा है, तो डॉक्टर से इलाज के विकल्पों पर बात कीजिए। अगर साथ में बुखार, बिना वजह वज़न घटना या कोई नई परेशानी हो, तो जल्दी दिखाइए।
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