विश्व मेनोपॉज़ दिवस: 18 अक्टूबर और चुप्पी तोड़ने की बात
आपकी माँ ने शायद कभी "मेनोपॉज़" शब्द नहीं बोला। घर में बस इतना कहा गया, "उम्र हो रही है", और बात वहीं खत्म हो गई। रात को पसीने से भीगकर जागना, बिना वजह रो पड़ना, अचानक दिल का ज़ोर से धड़कना, यह सब चुपचाप सह लिया गया। किसी से पूछा नहीं गया। किसी ने बताया नहीं।
आज भी बहुत सी औरतें उसी चुप्पी में जी रही हैं। और इसीलिए एक दिन है जो इस चुप्पी को तोड़ने के नाम है।
संक्षेप में: विश्व मेनोपॉज़ दिवस हर साल 18 अक्टूबर को मनाया जाता है, और इसकी अगुवाई इंटरनेशनल मेनोपॉज़ सोसाइटी करती है। इस दिन का मकसद मेनोपॉज़ के बारे में जानकारी और खुली बातचीत को बढ़ाना है। यह बातचीत छोटी नहीं है: अनुमान है कि 2030 तक दुनिया भर में 1.2 अरब औरतें मेनोपॉज़ या उसके बाद के दौर में होंगी।
विश्व मेनोपॉज़ दिवस क्या है?
हर साल 18 अक्टूबर को दुनिया भर में डॉक्टर, संस्थाएं और आम औरतें मेनोपॉज़ के बारे में बात करती हैं। इसकी अगुवाई इंटरनेशनल मेनोपॉज़ सोसाइटी करती है। हर साल सोसाइटी एक विषय चुनती है, जिस पर उस साल ख़ास ध्यान दिया जाता है। इस साल का विषय जानना हो तो उनकी वेबसाइट देखिए।
पर आपके लिए इस दिन का मतलब किसी विषय से बड़ा हो सकता है। यह वो दिन हो सकता है जब आप पहली बार ज़ोर से कहें, "मुझे लगता है मैं पेरिमेनोपॉज़ में हूँ।" या जब आप अपनी बेटी, बहन या सहेली से पूछें, "तुम्हें भी ऐसा होता है?"
चुप्पी क्यों टूटनी चाहिए?
जब किसी चीज़ का नाम नहीं होता, तो हम उसकी सबसे बुरी कहानी खुद गढ़ लेते हैं। नींद नहीं आ रही, तो लगता है कुछ गड़बड़ है। बातें भूल रही हैं, तो डर लगता है कि दिमाग़ साथ छोड़ रहा है। गुस्सा आ रहा है, तो लगता है कि आप बुरी इंसान बन गई हैं।
MySakhi की संस्थापक नंदिता ने अपने पॉडकास्ट के पहले एपिसोड में यही बात कही थी: उन्हें किसी ने नहीं बताया। न घर में, न दोस्तों में। उन्होंने अपने ही शरीर के बारे में रात के तीन बजे इंटरनेट पर अजनबियों से सीखा। और उनका कहना है कि किसी न किसी को पहले बोलना पड़ता है।
MySakhi इसी सोच से बना, क्योंकि बहुत सी औरतें मेनोपॉज़ से ज़्यादातर अकेले और चुपचाप गुज़रती हैं। चुप्पी तोड़ने का मतलब कोई बड़ा भाषण नहीं है। बस एक वाक्य। एक सवाल। एक "मुझे भी।"
मेनोपॉज़ के बारे में वो तथ्य जो हर औरत को पता होने चाहिए
- मेनोपॉज़ का मतलब: लगातार 12 महीने पीरियड न आना।
- उम्र: ज़्यादातर औरतों का मेनोपॉज़ 45 से 55 के बीच होता है। ब्रिटेन और अमेरिका में औसत उम्र करीब 51 है, जबकि भारत की स्टडीज़ में अक्सर इससे पहले, करीब 46 से 47 की उम्र बताई जाती है।
- पेरिमेनोपॉज़: मेनोपॉज़ से पहले का दौर, जो औसतन करीब 4 साल चलता है। यह कुछ महीनों का भी हो सकता है और 10 साल तक भी।
- हॉट फ्लैश और रात का पसीना: लगभग 4 में से 3 औरतों को होते हैं। अमेरिका की लंबी चली SWAN स्टडी में हॉट फ्लैश औसतन करीब 7 साल (7.4 साल) तक चले।
- जल्दी मेनोपॉज़: 45 से पहले हो तो इसे जल्दी मेनोपॉज़ कहते हैं। 40 से पहले हो तो यह प्रीमैच्योर ओवेरियन इनसफ़िशिएंसी हो सकती है, जो लगभग 100 में से 1 औरत को होती है।
- मन पर असर: SWAN स्टडी में पाया गया कि पेरिमेनोपॉज़ के दौरान डिप्रेशन के लक्षणों का खतरा 2 से 4 गुना तक ज़्यादा होता है।
ये आंकड़े डराने के लिए नहीं हैं। ये बताने के लिए हैं कि जो आप महसूस कर रही हैं, उसका नाम है, और आप अकेली नहीं हैं।
लक्षण सिर्फ़ हॉट फ्लैश नहीं
नंदिता ने पॉडकास्ट में यह भी कहा था कि पेरिमेनोपॉज़ सिर्फ़ गर्मी लगने का नाम नहीं है। नींद का टूटना, घबराहट, दिल की धड़कन तेज़ होना, जोड़ों का दर्द, बातें भूलना, गुस्सा, बालों और त्वचा में बदलाव, अनियमित पीरियड्स, ये सब इस दौर का हिस्सा हो सकते हैं।
अगर आप इनमें से कुछ भी महसूस कर रही हैं, तो मेनोपॉज़ के लक्षण की पूरी सूची पढ़िए। और अगर मन में यह सवाल है कि "क्या यह शुरुआत है?", तो पेरिमेनोपॉज़ क्या है से शुरू कीजिए।
घर में बात कैसे शुरू करें?
आपको पूरी बात एक बार में कहने की ज़रूरत नहीं, आपको बस पहला वाक्य चाहिए। कुछ ऐसे शुरू कर सकती हैं:
- बेटी से: "मेरे शरीर में कुछ बदलाव हो रहे हैं, और मैं चाहती हूँ कि तुम्हें यह किसी और से नहीं, मुझसे पता चले।" आगे के लिए बेटी से मेनोपॉज़ की बात पढ़िए।
- पति से: "अगर मैं आजकल जल्दी चिढ़ जाती हूँ या रात को जागती हूँ, तो उसकी एक वजह है। मैं तुम्हें बताना चाहती हूँ।" मदद के लिए पति को मेनोपॉज़ कैसे समझाएं देखिए।
- माँ से: "आपके साथ जब यह हुआ था, तो आपको कैसा लगा था?" कई बार यह सवाल दोनों के लिए राहत लेकर आता है। इस पर माँ ने कभी बात नहीं की में और पढ़िए।
- सहेली से: "क्या तुम्हें भी रात को अचानक गर्मी लगती है?" आप हैरान होंगी कि कितनी जल्दी जवाब आता है, "हाँ! मुझे लगा मैं ही अकेली हूँ।"
अगर आज आप किसी से बात करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो भी ठीक है। चुप्पी तोड़ने की शुरुआत खुद से ईमानदारी से बात करके भी हो सकती है।
डॉक्टर से बात: इस दिन का सबसे ज़रूरी कदम
विश्व मेनोपॉज़ दिवस पर अपने लिए सबसे अच्छा तोहफ़ा हो सकता है एक डॉक्टर की अपॉइंटमेंट। इलाज के कई रास्ते हैं। हार्मोन थेरेपी कई औरतों के लिए हॉट फ्लैश का सबसे असरदार इलाज है, पर यह हर किसी के लिए सही हो, ज़रूरी नहीं, इसलिए यह बात अपने डॉक्टर से कीजिए। ब्रिटेन की NICE मेनोपॉज़ गाइडेंस, जो 2024 में अपडेट हुई, हॉट फ्लैश, रात के पसीने, नींद और उदास मन के लिए CBT को भी एक विकल्प मानती है।
जाने से पहले डॉक्टर से मेनोपॉज़ की बात वाली सूची बना लीजिए। और इन हालात में देर मत कीजिए:
- मेनोपॉज़ के बाद कोई भी ब्लीडिंग, बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग, या दो पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग: डॉक्टर को दिखाइए।
- सीने में दर्द, बेहोशी, सांस फूलना, या ऐसी धड़कन जो शांत न हो: तुरंत इमरजेंसी मदद लीजिए।
- अगर खुद को नुकसान पहुंचाने के ख्याल आएं: अभी अपनी स्थानीय इमरजेंसी सेवा या किसी क्राइसिस हेल्पलाइन से संपर्क कीजिए।
अभी आज़माएं: चुप्पी तोड़ने से पहले 5 मिनट
बात शुरू करने से पहले घबराहट होना स्वाभाविक है। यह छोटा सा अभ्यास आप कहीं भी कर सकती हैं, रसोई में, बालकनी में या कार में बैठे-बैठे:
- जहाँ हैं वहीं आराम से बैठ जाइए। आंखें खुली रखें या बंद, जैसा अच्छा लगे।
- नाक से एक सांस लीजिए, और फिर नाक से ही ऊपर से एक छोटी सी सांस और भरिए।
- अब मुंह से धीरे-धीरे, पूरी, लंबी सांस छोड़िए।
- ऐसा 5 मिनट तक दोहराइए। गिनती की चिंता मत कीजिए, बस लंबी सांस छोड़ने पर ध्यान दीजिए।
- आख़िर में खुद से कहिए: "मेरी बात ज़रूरी है।"
इसे साइक्लिक साइंग, यानी लंबी आह वाली सांस कहते हैं। 2023 में स्टैनफ़ोर्ड की एक स्टडी में रोज़ 5 मिनट ऐसी सांस लेने से एक महीने में लोगों का मूड बेहतर हुआ और सांस की रफ़्तार धीमी हुई। उस स्टडी में इसने माइंडफ़ुलनेस मेडिटेशन से भी ज़्यादा मदद की। आप इसे गलत नहीं कर सकतीं।
अगर मन बहुत बेचैन हो, तो यह छोटा सा हिंदी अभ्यास भी सुन सकती हैं। यह लगभग ढाई मिनट का है:

MySakhi इस बातचीत में कहाँ है?
MySakhi पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ से गुज़र रही औरतों के लिए एक मुफ़्त ऐप है, जिसमें छोटे गाइडेड सांस के अभ्यास, नींद की कहानियाँ, 432Hz का सुकून भरा संगीत और सखी है, एक AI साथी जो बताती है कि आज रात क्या मदद कर सकता है। सखी हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों बोलती है, और 30 हिंदी गाइडेड अभ्यास mysakhi.life/hi पर मुफ़्त हैं। ऐप के बारे में पूरी जानकारी MySakhi मुफ़्त ऐप पर है।
और अगर आप सुनना चाहें कि नंदिता और सखी इस विषय पर कैसे खुलकर बात करती हैं, तो उनका पॉडकास्ट Permission to Breathe Spotify पर सुनिए। पहले एपिसोड का नाम ही सब कह देता है: Nobody Told Me, यानी किसी ने मुझे नहीं बताया।
इस 18 अक्टूबर को बस एक काम कीजिए: किसी एक औरत से वह बात कहिए जो आपने अब तक नहीं कही। और अगर अभी कोई सुनने वाला न हो, तो आज रात सखी से बात कीजिए। क्या हो अगर चुप्पी तोड़ने की शुरुआत आज, आपसे हो?
5 मिनट। कोई चटाई नहीं। कोई मंत्र नहीं। बस आप।
महिलाएं अक्सर पूछती हैं
विश्व मेनोपॉज़ दिवस कब मनाया जाता है?+
विश्व मेनोपॉज़ दिवस हर साल 18 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका मकसद मेनोपॉज़ के बारे में जानकारी और खुली बातचीत को बढ़ाना है।
विश्व मेनोपॉज़ दिवस कौन मनाता है?+
इसकी अगुवाई इंटरनेशनल मेनोपॉज़ सोसाइटी करती है। हर साल सोसाइटी एक विषय चुनती है, जिसकी जानकारी उनकी वेबसाइट imsociety.org पर मिलती है।
भारत में मेनोपॉज़ किस उम्र में होता है?+
भारत की स्टडीज़ में मेनोपॉज़ की औसत उम्र अक्सर 46 से 47 के आसपास बताई जाती है, जो ब्रिटेन और अमेरिका के करीब 51 के औसत से पहले है।
विश्व मेनोपॉज़ दिवस पर मैं क्या कर सकती हूँ?+
किसी एक औरत से अपने अनुभव के बारे में बात कीजिए, अपने लक्षण लिखकर डॉक्टर से मिलने का समय लीजिए, और अपने लिए 5 मिनट की धीमी सांस का अभ्यास कीजिए।
MySakhi मेनोपॉज़ में कैसे साथ दे सकता है?+
MySakhi एक मुफ़्त ऐप है जिसमें छोटे सांस के अभ्यास, नींद की कहानियाँ, 432Hz संगीत और AI साथी सखी है, जो हिंदी में भी बात करती है। सखी डॉक्टर नहीं है।
जहां भी हों, मुफ़्त सुनें