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दिवाली की थकान और मेनोपॉज़: सबसे व्यस्त हफ़्ते में 5 मिनट की सांस

लेखिका: नंदिता, MySakhi की संस्थापक5 मिनट पढ़ने का समय

धनतेरस में अभी चार दिन बाकी हैं, और आप स्टूल पर चढ़कर पंखा साफ़ कर रही हैं। नीचे पर्दे धुलने को पड़े हैं, अलमारियां खाली करके फिर से जमानी हैं, और शाम को मठरी और लड्डू की तैयारी भी। स्टूल से उतरते हुए घुटने ने आवाज़ दी, और उसी पल गर्मी की एक लहर ने चेहरा लाल कर दिया।

दिवाली आपका सबसे प्यारा त्योहार है। फिर भी इस साल, सच कहें, तो थकान त्योहार से बड़ी लग रही है।

संक्षेप में: दिवाली की थकान मेनोपॉज़ के सालों में और भारी लग सकती है। सफ़ाई, मेहमान और रसोई की गर्मी के ऊपर टूटी नींद और हॉट फ्लैश, जो लगभग 4 में से 3 औरतों को होते हैं। हर बड़े काम के बाद 60 सेकंड की धीमी सांस, और शाम को दीये के साथ 5 मिनट, इस भीड़ में आपकी अपनी जगह बना सकते हैं।

दिवाली की थकान इस साल ज़्यादा क्यों लग रही है?

पेरिमेनोपॉज़ में नींद अक्सर हल्की और टूटी रहती है, तो दिन की शुरुआत ही थकी हुई होती है। हॉट फ्लैश रसोई की गर्मी में और भारी लगते हैं। जोड़ों में अकड़न हो, तो स्टूल पर चढ़ना-उतरना भी आसान नहीं रहता। और मन? उसे मेहमानों की सूची, तोहफ़ों का हिसाब, और किसके घर मिठाई जानी है, सब याद रखना है।

यह थकान आलस नहीं है। आपका शरीर एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है, और त्योहार उस बदलाव की छुट्टी नहीं करता।

इस दिवाली कम करने की इजाज़त

हर अलमारी हर साल खुलनी ज़रूरी नहीं। हर मिठाई घर पर बननी ज़रूरी नहीं।

पूरा घर एक हफ़्ते में चमकाना नहीं। इस साल दो कमरे, और बाकी अगले महीने।

आपको परफ़ेक्ट दिवाली की ज़रूरत नहीं है। आपको ऐसी दिवाली की ज़रूरत है जिसमें आप खुद भी दीये जलाते समय मुस्कुरा सकें। कुछ छोटे बदलाव:

  • काम बांटिए। बच्चे, पति, घर के बाकी लोग, सब एक-एक काम ले सकते हैं।
  • सूची छोटी कीजिए। तीन सबसे ज़रूरी काम पहले, बाकी अगर समय मिले।
  • कुछ मिठाई या नमकीन बाज़ार से ले लीजिए। यह भी ठीक है।
  • दोपहर में 15 मिनट लेटने का समय सूची में सबसे ऊपर लिखिए।

अभी आज़माएं: दीये के साथ 5 मिनट

  1. शाम को दीये जलाने के बाद, किसी एक दीये के पास बैठ जाइए। ज़मीन पर, सीढ़ी पर, या कुर्सी पर। पल्लू और दुपट्टा लौ से दूर रखिए।
  2. लौ को देखिए। बस देखिए, कुछ सोचना नहीं है।
  3. नाक से 4 गिनती में सांस लीजिए, और 6 गिनती में इतने धीरे छोड़िए कि लौ बस हल्की सी हिले।
  4. हर छोड़ती सांस के साथ आज का एक काम मन में नीचे रख दीजिए: "सफ़ाई हो गई।" "मिठाई बन गई।" "बाकी कल।"
  5. 5 मिनट बाद आँखें बंद करके एक लंबी सांस लीजिए, और फिर घर की रौनक में लौट जाइए।

अगर दीया पास न हो, तो कोई भी रोशनी चलेगी, खिड़की से दिखती किसी और के घर की झालर भी। आप इसे गलत नहीं कर सकतीं।

दिवाली के अगले दिन क्या करें?

दिवाली के अगले दिन बहुत सी औरतें ऐसे थकी होती हैं जैसे किसी लंबे सफ़र से लौटी हों। उस दिन खुद से कुछ मत मांगिए। बचा हुआ खाना, बिखरा घर, अधूरे बर्तन, सब एक दिन रुक सकते हैं। उस सुबह बस बिस्तर पर लेटे-लेटे पांच धीमी सांसें लीजिए, और फिर एक कप चाय, जो इस बार कोई और बनाए।

रसोई की गर्मी में हॉट फ्लैश आए तो?

कड़ाही में मठरी तल रही हैं और अचानक गर्मी की लहर। गैस धीमी कीजिए, दो कदम पीछे हटिए, खिड़की की तरफ़ मुंह कीजिए, और होंठ गोल करके तीन लंबी, ठंडी सांसें छोड़िए। सच यह है कि धीमी सांस हॉट फ्लैश को रोकती नहीं। पर बहुत सी औरतों को उस पल में शांत और संभली हुई महसूस करने में इससे मदद मिलती है। पूरा 60 सेकंड का तरीका यहां है: अचानक तेज़ गर्मी लगना।

मेहमानों से भरे घर में अपने 5 मिनट कहां से लाएं?

मेहमानों के बीच छत या बाथरूम तक जाना भी मुश्किल लगता है। पर चाय उबलने का समय, नहाने से पहले का पल, या पूजा से ठीक पहले का एक मिनट, ये पल हर घर में होते हैं। इन जगहों पर पूरी बात यहां है: संयुक्त परिवार में अपने लिए 5 मिनट।

दीये जलाने के बाद, शाम ढले बांसुरी। बस पांच मिनट, सिर्फ़ आपके लिए।

The Flute Plays At Dusk.

संगीत

The Flute Plays At Dusk.
6 मिनट
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परंपरा में राग यमन को शाम का राग माना जाता है। यह विज्ञान से साबित बात नहीं, सदियों का अनुभव और परंपरा है। सबसे ज़रूरी यह है कि कोई धुन आपको शांत करे।

डॉक्टर से कब बात करें?

अगर त्योहार के बाद भी हफ़्तों तक थकान बनी रहे, तो डॉक्टर से थायरॉइड, आयरन और बी12 जैसी जांच की बात कीजिए। इस पर पूरा लेख यहां है: हर समय थकान। अगर हॉट फ्लैश रोज़ की ज़िंदगी पर भारी हैं, तो हार्मोन थेरेपी समेत इलाज के विकल्पों पर डॉक्टर से बात कीजिए। और अगर कभी सीने में दर्द, बेहोशी या सांस फूलना हो, तो तुरंत इमरजेंसी मदद लीजिए।

क्या हो अगर इस दिवाली सबसे पहला दीया आप अपने लिए जलाएं?

आज शाम दीये के पास 5 मिनट बैठिए, और MySakhi का शाम का संगीत YouTube पर चला दीजिए। और सखी को बताइए कि आज आप कितनी थकी हैं, वह उस पल के लिए कुछ सुझा देगी।

5 मिनट। कोई चटाई नहीं। कोई मंत्र नहीं। बस आप।

महिलाएं अक्सर पूछती हैं

दिवाली के बाद इतनी थकान क्यों होती है?+

सफ़ाई, खरीदारी, रसोई और मेहमान, सब कुछ कुछ ही दिनों में होता है। मेनोपॉज़ के सालों में टूटी नींद और हॉट फ्लैश इस थकान को और भारी कर सकते हैं। थकान हफ़्तों तक रहे तो डॉक्टर से मिलिए।

दिवाली की तैयारी में हॉट फ्लैश आए तो क्या करें?+

गैस धीमी कीजिए, दो कदम पीछे हटिए, और होंठ गोल करके तीन लंबी ठंडी सांसें छोड़िए। यह हॉट फ्लैश को रोकता नहीं, पर उस पल में खुद को संभालने में मदद कर सकता है।

त्योहार में अपने लिए समय कैसे निकालें?+

पहले से आने वाले पल चुनिए: दीये जलाने के बाद, नहाने से पहले, या चाय उबलते समय। उनमें 5 मिनट धीमी सांस लीजिए: 4 गिनती में लें, 6 में छोड़ें।

क्या इस साल कम सफ़ाई और कम पकवान बनाना ठीक है?+

बिल्कुल ठीक है। काम बांटिए, सूची छोटी कीजिए, कुछ चीज़ें बाज़ार से ले लीजिए। त्योहार आपके लिए भी है, सिर्फ़ आपसे नहीं।

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