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पेरीमेनोपॉज़ में चिंता को कैसे संभालें: संपूर्ण मार्गदर्शिका

2 मार्च 20267 मिनट पढ़ने का समय

पेरीमेनोपॉज़ — मेनोपॉज़ से पहले के वर्ष — इस दौरान कई महिलाओं को पहली बार चिंता का अनुभव होता है। यह सामान्य है, और इसके समाधान हैं।

पेरीमेनोपॉज़ में चिंता क्यों होती है?

एस्ट्रोजन मस्तिष्क के सेरोटोनिन और गाबा रिसेप्टर्स को प्रभावित करता है — ये दोनों "अच्छा महसूस कराने वाले" न्यूरोट्रांसमीटर हैं। जब एस्ट्रोजन में उतार-चढ़ाव होता है: - अचानक घबराहट जैसा महसूस होता है - दिल की धड़कन तेज़ हो सकती है - ज़रूरत से ज़्यादा सोचना बढ़ जाता है - सामाजिक परिस्थितियों में असहज लगता है

व्यावहारिक उपाय

1. प्राणायाम 4-7-8 श्वास तकनीक: 4 गिनती में सांस लें, 7 गिनती तक रोकें, 8 गिनती में छोड़ें। दिन में 3 बार करें।

2. शारीरिक गतिविधि 30 मिनट की सैर या हल्का योग — एंडॉर्फिन छोड़ता है और स्वाभाविक रूप से चिंता कम करता है।

3. निर्देशित ध्यान चिंता के लिए विशेष रूप से बनाया गया ध्यान बहुत प्रभावी है।

4. समुदाय का साथ उन महिलाओं से बात करना जो समान अनुभव से गुज़र रही हैं — यह अकेलापन कम करता है।

5. आयुर्वेदिक सहायता अश्वगंधा और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियां परंपरागत रूप से चिंता के लिए इस्तेमाल होती हैं। (कृपया पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।)

सखी आपके साथ है

जब भी चिंता महसूस हो — रात को, सुबह, या किसी मीटिंग से पहले — सखी से बात करें। वो आपके मूड के हिसाब से सही ध्यान या संगीत सुझाएगी।

सुनें

मैं यहाँ हूँ — ग्राउंडिंग ध्यान

ध्यान

मैं यहाँ हूँ — ग्राउंडिंग ध्यान

4 मिनट
रख दो। बस अभी के लिए।

ध्यान

रख दो। बस अभी के लिए।

9 मिनट
Be Still. The Water Knows.

संगीत

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