पेरीमेनोपॉज़ में चिंता को कैसे संभालें: संपूर्ण मार्गदर्शिका
पेरीमेनोपॉज़, यानी मेनोपॉज़ से पहले के कुछ साल। इस दौरान कई महिलाओं को पहली बार चिंता का अनुभव होता है। यह सामान्य है, और इसमें मदद मिल सकती है।
पेरीमेनोपॉज़ में चिंता क्यों होती है?
एस्ट्रोजन मस्तिष्क में सेरोटोनिन और गाबा पर असर डालता है। ये दोनों ऐसे न्यूरोट्रांसमीटर हैं जो मन को शांत और स्थिर रखने में मदद करते हैं। जब एस्ट्रोजन में उतार-चढ़ाव होता है, तो: - अचानक घबराहट जैसा महसूस होता है - दिल की धड़कन तेज़ हो सकती है - ज़रूरत से ज़्यादा सोचना बढ़ जाता है - सामाजिक परिस्थितियों में असहज लगता है
अंदर तूफान महसूस हो रहा है? यह ध्यान इसी पल के लिए बना है।
लाइब्रेरी में देखें→व्यावहारिक उपाय
1. धीमी सांस 4-7-8 श्वास तकनीक: 4 गिनती में सांस लें, 7 गिनती तक रोकें, 8 गिनती में छोड़ें। दिन में 3 बार तक आज़मा सकती हैं। अगर 7 तक रोकना भारी लगे, तो 5 तक रोकें।

2. शारीरिक गतिविधि 30 मिनट की सैर या हल्का योग। इससे शरीर में एंडॉर्फिन बनते हैं, जो चिंता कम करने में मदद कर सकते हैं।
3. निर्देशित ध्यान चिंता के लिए बनाया गया छोटा सा निर्देशित ध्यान बहुत सी महिलाओं को मदद करता है।

4. समुदाय का साथ उन महिलाओं से बात करना जो इसी अनुभव से गुज़र रही हैं, अकेलापन कम करता है।
5. आयुर्वेदिक सहायता अश्वगंधा और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियां परंपरागत रूप से चिंता के लिए इस्तेमाल होती हैं। (कृपया पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।)
घबराहट महसूस करना ठीक है
इसका मतलब यह नहीं कि आप कमज़ोर हैं या कुछ ग़लत कर रही हैं। आपको रुकने की इजाज़त है। घर में घुसने से पहले गाड़ी में पांच मिनट ज़्यादा बैठना, बाथरूम का दरवाज़ा बंद करके सांस लेना, यह सब ठीक है।
चिंता अक्सर नींद और मूड से जुड़ी होती है। आप मेनोपॉज़ में नींद क्यों नहीं आती और मूड स्विंग्स क्यों होते हैं भी पढ़ सकती हैं।
डॉक्टर से कब बात करें
अगर चिंता बहुत तेज़ है, हफ़्तों तक रहती है, या रोज़ के कामों में रुकावट डालती है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। अगर दिल की तेज़ धड़कन के साथ सीने में दर्द, बेहोशी या सांस फूलना हो, या धड़कन शांत न हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें। अगर कभी ख़ुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आएं, तो अभी अपनी स्थानीय इमरजेंसी सेवा या किसी क्राइसिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।
सखी आपके साथ है
रात हो, सुबह हो या किसी मीटिंग से पहले का पल, जब भी चिंता महसूस हो, सखी से बात करें। वो आपके मूड के हिसाब से सही ध्यान या संगीत सुझाएगी।
महिलाएं अक्सर पूछती हैं
क्या पेरीमेनोपॉज़ में चिंता होना सामान्य है?+
हां, यह आम है। एस्ट्रोजन के उतार-चढ़ाव से सेरोटोनिन और गाबा पर असर पड़ता है, जो मन को शांत रखने में मदद करते हैं। इसलिए पहली बार या पहले से ज़्यादा चिंता हो सकती है।
चिंता के लिए कौन सी सांस मदद करती है?+
बहुत सी महिलाओं को 4-7-8 सांस मदद करती है: 4 गिनती में सांस लें, 7 तक रोकें, 8 में छोड़ें। लंबी सांस छोड़ने से शरीर को धीमा होने का संकेत मिलता है।
क्या चिंता के लिए अश्वगंधा या ब्राह्मी लेना ठीक है?+
ये जड़ी-बूटियां परंपरागत रूप से इस्तेमाल होती रही हैं, लेकिन हर किसी के लिए सही नहीं हैं। कोई भी जड़ी-बूटी शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, ख़ासकर अगर आप कोई दवा ले रही हैं।
चिंता के लिए डॉक्टर को कब दिखाएं?+
अगर चिंता बहुत तेज़ है, हफ़्तों तक रहती है या रोज़ के कामों में रुकावट डालती है। सीने में दर्द, बेहोशी या सांस फूलने के साथ तेज़ धड़कन हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें।
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